मौदा में आयटक की महिला शक्ति ने भरी हुंकार; नई कार्यकारिणी का गठन
आंदोलन तेज करने का ऐलान ; 100 से अधिक महिलाओं की मौजूदगी में सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन
3 अक्टूबर को नागपुर में विशाल मोर्चे का ऐलान
मौदा : - मौदा तहसील के कोदामेंढी में सोमवार (दि.28) सितंबर को आयोजित आयटक की बैठक में 100 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति में नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। बैठक में महिलाओं के मानधन सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। नई कार्यकारिणी में श्रीमती मीनाक्षी सुनील डहाके (ICRP, इंदोरा) को अध्यक्ष, श्रीमती निशा सुनील वैद्य (ICRP, बाबदेव) को सचिव, श्रीमती काजल सुभाष वानखेड़े (CTC) को उपाध्यक्ष, श्रीमती निकिता शरद लोहबरे (ICRP) को कोषाध्यक्ष तथा श्रीमती सुजाता कड़ू को सहसचिव नियुक्त किया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष मीनाक्षी डहाके ने कहा कि बहनों ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाने का प्रयास करेंगी। महिलाओं की मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष मोर्चा एवं आंदोलन के माध्यम से आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयटक संगठन लंबे समय से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के अधिकारों के लिए काम कर रहा है और वर्तमान परिस्थितियों में संघर्ष को आगे बढ़ाना आवश्यक है।
सचिव निशा वैद्य ने कहा कि “पानी अब सिर के ऊपर हो गया है और अब आर-पार की लड़ाई लड़नी है।” उन्होंने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से शासन के उमेद अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने और स्वावलंबी बनाने का काम कर रही हैं। उनके अनुसार, इन कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मानधन केवल 3,000 रुपये है, जबकि उनकी मांग 21,000 रुपये मानधन की है। उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ता गांवों से संबंधित जानकारी एकत्र कर सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाती हैं। इसके बावजूद मानधन को लेकर उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए स्वतंत्र संगठन के बैनर तले लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।
उपाध्यक्ष काजल वानखेड़े ने बताया कि पूरे राज्य में पिछले एक महीने से काम बंद आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि 3 अक्टूबर को नागपुर में आंदोलन का बड़ा चरण शुरू होगा। नेहरू पार्क से संविधान चौक तक लगभग 5 किलोमीटर का विशाल मोर्चा निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई। बैठक में तालुका की वरिष्ठ महिला कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मौदा तालुका की महिलाओं ने जिस एकजुटता के साथ अपनी आवाज उठाई है, उसका संदेश अन्य तालुकों और जिलों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में श्वाती डोरले, किरण बावने, पूर्णिमा सव्वालाखे, भारती तांडेकर, मंगला वासनिक, प्रांजली भुते, अनिता मिरासे, संगीता जगनाड़े, जोशिका हटवार, राजकुमारी कछवाह, माधुरी महादुले, भारती चौधरी, प्राजक्ता चौहान, सविता ऊके, हिरा चकोले सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
कार्यक्रम का संचालन शारदा संजय बिंझाड़े ने किया। उन्होंने “हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं” और “आवाज दो, हम सब एक हैं” जैसे नारों के साथ महिला कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संघर्षों के बीच ही वास्तविक अधिकारों की लड़ाई आगे बढ़ती है और महिलाओं की एकजुटता परिवर्तन की दिशा तय कर सकती है।
बैठक के अंत में नवगठित कार्यकारिणी ने उपस्थित सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया और संगठन को मजबूत करने तथा आगामी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
सह संपादक - ऋषभ बावनकर


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